विधायक प्रदीप यादव ने सरकार को क्यों लिखा पत्र ?

आलोक कुमार सिंह की रिपोर्ट

लातेहार झारखंड: झारखंड राज्य अवर वन सेवा संघ के मुद्दे को लेकर पोड़ैयाहाट विधानसभा क्षेत्र के कांग्रेस विधायक प्रदीप यादव ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को एक पत्र लिखा है। इस पत्र में उन्होंने झारखंड राज्य के अवर वन सेवा कर्मियों के लिए 2014 की नियमावली में हुए संशोधनों को वापस लेने की मांग की है।

प्रदीप के पत्र में क्या है मांग
झारखंड राज्य अवर वन सेवा संघ के मुद्दे को लेकर पोड़ैयाहाट विधानसभा क्षेत्र के कांग्रेस विधायक प्रदीप यादव ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को एक पत्र लिखा है। इस पत्र में उन्होंने झारखंड राज्य के अवर वन सेवा कर्मियों के लिए 2014 की नियमावली में हुए संशोधनों को वापस लेने की मांग की है। यादव का कहना है कि इन संशोधनों से वन सेवा कर्मियों के हितों को नुकसान पहुंचा है, और इसे तत्काल प्रभाव से ठीक किया जाना चाहिए। यादव ने अपने पत्र में विशेष रूप से 2014 की नियमावली के कंडिका 15 (vii) का उल्लेख किया, जिसमें वनपाल के शत-प्रतिशत पदों को प्रोन्नति के लिए आरक्षित किया गया है। उन्होंने मुख्यमंत्री से अनुरोध किया है कि इस नियम को यथावत रखा जाए ताकि वनपालों की प्रोन्नति में किसी भी तरह की बाधा उत्पन्न न हो।

विधायक ने पत्र में बताया कि झारखंड राज्य अवर वन सेवा संघ, देवघर जिला के मंत्री आशुतोष द्वारा प्राप्त आवेदन के आलोक में यह मामला उठाया गया है। उनका कहना है कि 2024 में पारित नई नियमावली के कारण वनरक्षी संवर्ग के कर्मियों की प्रोन्नति बाधित हो रही है। यादव ने मुख्यमंत्री से आग्रह किया है कि नई नियमावली की विसंगतियों को दूर करने के लिए “वन टाइम” शिथिलिकरण की प्रक्रिया अपनाई जाए। उन्होंने मुख्यमंत्री से अपील की है कि वन सेवा कर्मियों के हितों को ध्यान में रखते हुए आवश्यक कदम उठाएं ताकि उन्हें न्याय मिल सके । इस पत्र के माध्यम से प्रदीप यादव ने वन सेवा कर्मियों के मुद्दे को सरकार के समक्ष उठाते हुए उनके अधिकारों की रक्षा के लिए ठोस कदम उठाने की अपील की है ।

 

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