पटना, 29 जून 2025: राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के नेता और बिहार के पूर्व उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव ने आज पटना में आयोजित वैश्य प्रतिनिधि सम्मेलन में समाज को एकजुट करते हुए प्रेरक और तीखे अंदाज में संबोधित किया। उन्होंने कहा,
“बनिया का मतलब होता है – बनिए, बिगड़िए और बिगाड़िए मत! वैश्य समाज ने सदियों से व्यापार और समाज दोनों को समृद्ध किया है। अब वक्त है बिहार को बनाने और बढ़ाने का।”
🧾 सम्मेलन में वैश्य समाज की भूमिका पर जोर
तेजस्वी यादव ने वैश्य समाज की मेहनत, सहनशीलता, व्यवहार-कुशलता और समाज निर्माण में योगदान को रेखांकित करते हुए कहा कि यह वर्ग बिहार की तरक्की में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है। उन्होंने स्पष्ट कहा कि अब जरूरत है कि समाज के सभी वर्ग साथ मिलकर बिहार की तकदीर और तस्वीर बदलें।
🏛️ राजद सरकार में वैश्य प्रतिनिधित्व पर आंकड़ों के साथ वार
तेजस्वी यादव ने कहा: राजद सरकार में 8 मंत्री वैश्य वर्ग से थे।NDA की 20 वर्षों की सरकार में कभी ऐसा नहीं हुआ। पार्टी के 9 वर्षों तक प्रदेश अध्यक्ष वैश्य वर्ग से रहे। राज्यसभा में राजद संसदीय दल के नेता वैश्य समुदाय से हैं। संगठन में प्रदेश प्रधान महासचिव का पद भी वैश्य वर्ग को मिला है। लोकसभा चुनाव में राजद गठबंधन ने एनडीए से अधिक वैश्य प्रत्याशी मैदान में उतारे। यह सब उन्होंने इस बात के संकेत के तौर पर बताया कि राजद सिर्फ़ प्रतिनिधित्व की बात नहीं करता, उसे अमल में भी लाता है।
🔥 युवाओं से वादा: “NDA को 20 साल दिए, मुझे सिर्फ 20 महीने दीजिए”
अपने भाषण के अंत में तेजस्वी यादव ने बिहार की जनता से अपील करते हुए कहा:
“बिहार के युवाओं की जवानी बर्बाद नहीं होने देंगे। NDA को आपने 20 साल दिए, अब मुझे सिर्फ़ 20 महीने दीजिए। हम बिहार की दिशा और दशा दोनों बदल देंगे।”
तेजस्वी यादव का यह बयान जहां एक ओर वैश्य समाज को राजनीतिक रूप से जोड़ने की रणनीति का हिस्सा है, वहीं दूसरी ओर यह आने वाले बिहार विधानसभा चुनावों के लिए राजद की सक्रिय तैयारियों का संकेत भी देता है। अब देखना यह होगा कि यह संदेश आम मतदाताओं तक कितना प्रभावी ढंग से पहुंचता है।
