SIR विवाद: संसद से सड़क तक गरमाई सियासत, विपक्ष ने उठाए पारदर्शिता पर सवाल

🗓️ 25 जुलाई 2025 | 🖋️ रिपोर्ट: अरुण कुमार आनंद

नई दिल्ली/पटना: बिहार में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (Special Intensive Revision – SIR) को लेकर देश की राजनीति में हलचल तेज हो गई है। संसद से लेकर सड़कों तक विरोध देखा गया, जहाँ विपक्षी दलों ने इसे लोकतंत्र पर हमला बताया। लोकसभा की कार्यवाही भी विपक्षी सांसदों के हंगामे के बाद स्थगित करनी पड़ी।

🏛️ लोकसभा में हंगामा, कार्यवाही स्थगित

दिल्ली में आज संसद सत्र के दौरान जैसे ही कार्यवाही शुरू हुई, विपक्षी सांसदों ने बिहार में चल रहे SIR अभियान के विरोध में जोरदार नारेबाजी की। इसका असर इतना हुआ कि लोकसभा की कार्यवाही कुछ ही मिनटों में दोपहर 2 बजे तक स्थगित कर दी गई। विपक्ष ने आरोप लगाया कि इस प्रक्रिया के ज़रिए गरीबों और वंचितों को मतदाता सूची से बाहर किया जा रहा है।

🗣️ मल्लिकार्जुन खरगे का बड़ा हमला

राज्यसभा में विपक्ष के नेता और कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए कहा:

इनकी मंशा है कि गरीबों को वोटिंग से बाहर निकाल दिया जाए और सिर्फ अमीर लोग ही वोट करें। जब वयस्क मताधिकार लागू किया गया था, तब नेहरू और अंबेडकर ने कहा था कि सभी को समान वोट का अधिकार मिलना चाहिए। आज वे इसे संशोधित कर लोकतंत्र को कमजोर कर रहे हैं।

खरगे ने यह भी कहा कि यह केवल बिहार तक सीमित नहीं रहेगा बल्कि इसे देशभर में लागू करने की योजना बनाई जा रही है।

🧾 प्रियंका गांधी का सवाल: पारदर्शिता कहाँ है?

कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी वाड्रा ने मतदाता सूची की पारदर्शिता पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा:

उन्हें जवाब देना चाहिए कि वे मतदाता सूची क्यों नहीं सार्वजनिक कर रहे हैं? यह लोकतंत्र है और सभी राजनीतिक दलों को जानकारी तक पहुँच होनी चाहिए।

🗳️ डिंपल यादव का आरोप: चुनाव आयोग सरकार के इशारे पर

समाजवादी पार्टी सांसद डिंपल यादव ने कहा:

पूरा विपक्ष इस मुद्दे पर एक साथ खड़ा है क्योंकि यह साफ दिख रहा है कि चुनाव आयोग सरकार के निर्देशों पर काम कर रहा है। SIR प्रक्रिया में पारदर्शिता की पूरी तरह कमी है और लगभग 50 लाख मतदाताओं पर इसका असर पड़ेगा।

🚩 बिहार में सड़क पर उतरे विपक्षी दल

पटना में राजद नेता राबड़ी देवी के नेतृत्व में RJD और अन्य विपक्षी दलों ने SIR के खिलाफ धरना प्रदर्शन किया। नेताओं ने इसे जनता के अधिकारों पर हमला बताया और चुनाव आयोग से इस प्रक्रिया को तत्काल रोकने की मांग की।

⚖️ भाजपा का जवाब: सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में हो रहा है SIR

बिहार भाजपा प्रदेश अध्यक्ष दिलीप जायसवाल ने विपक्ष के आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए कहा:

SIR की प्रक्रिया उच्चतम न्यायालय की निगरानी में हो रही है। किसी भी असली मतदाता को बाहर नहीं किया जाएगा। विपक्ष केवल राजनीति कर रहा है।

उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि अभी तो फॉर्म भरने का कार्य चल रहा है और नाम छूटने पर एक महीने का समय भी मिलेगा।

🔥 तेजस्वी यादव के चुनाव बहिष्कार बयान पर गरमाई सियासत

राजद नेता तेजस्वी यादव द्वारा चुनाव बहिष्कार की बात पर कांग्रेस सांसद प्रमोद तिवारी ने कहा:

भाजपा को डर है कि अगर RJD-कांग्रेस गठबंधन साथ आया तो उनकी हार तय है। इसीलिए मतदाता सूची में गड़बड़ी की जा रही है। हम हर स्तर पर संघर्ष करेंगे और दो-तिहाई बहुमत से सरकार बनाएंगे।

 SIR बना विपक्ष के हमले का केंद्र

SIR प्रक्रिया पर जारी विवाद अब केवल बिहार तक सीमित नहीं रहा, यह राष्ट्रीय बहस का मुद्दा बन गया है। विपक्ष इसे लोकतंत्र पर हमला बता रहा है, जबकि भाजपा इसे संवैधानिक और पारदर्शी प्रक्रिया बता रही है। आगे आने वाले दिनों में यह मामला राजनीतिक तौर पर और गर्मा सकता है।

📍नोट: विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) प्रक्रिया का उद्देश्य मतदाता सूची को अपडेट करना है, जिसमें नए नाम जोड़ना और पुराने हटाना शामिल होता है। इसे लेकर पारदर्शिता, निष्पक्षता और संवेदनशीलता बेहद जरूरी मानी जाती है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *