🗓️ 25 जुलाई 2025 | 🖋️ रिपोर्ट: विशेष संवाददाता
📍झालावाड़, राजस्थान:
राजस्थान के झालावाड़ ज़िले के पिपलोदी गांव में शुक्रवार को एक सरकारी स्कूल की छत गिरने से तीन बच्चों की दर्दनाक मौत हो गई और कई अन्य घायल हो गए। यह हादसा उस समय हुआ जब बच्चे कक्षा में मौजूद थे। हादसे की खबर फैलते ही पूरे क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई।
🚨 घटना की पुष्टि और उच्चस्तरीय जांच के आदेश
राजस्थान सरकार के मंत्री मदन दिलावर ने घटना की पुष्टि करते हुए कहा:
“झालावाड़ ज़िले के पिपलोदी गांव में एक स्कूल की छत गिरने से तीन बच्चों की मौके पर ही मृत्यु हो गई है। कुछ बच्चे घायल हैं और अस्पताल में उनका इलाज जारी है।“
उन्होंने यह भी कहा कि घटना की उच्चस्तरीय जांच करवाई जाएगी ताकि दोषियों की जवाबदेही तय की जा सके।
🕊️ मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने जताया शोक
राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने ट्विटर के माध्यम से घटना पर गहरा दुख व्यक्त किया। उन्होंने लिखा:
“झालावाड़ के पीपलोदी में विद्यालय की छत गिरने से हुआ दर्दनाक हादसा अत्यंत दुःखद एवं हृदयविदारक है। घायल बच्चों के समुचित उपचार हेतु अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं। ईश्वर दिवंगत आत्माओं को अपने श्रीचरणों में स्थान दें और परिजनों को यह दुःख सहन करने की शक्ति दें।“
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी जताई संवेदना
घटना पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी ट्वीट कर संवेदना प्रकट की:
“राजस्थान के झालावाड़ स्थित एक स्कूल में हुई दुर्घटना अत्यंत दुखद है। इस कठिन घड़ी में मेरी संवेदनाएं प्रभावित छात्रों और उनके परिवारों के साथ हैं। मैं घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना करता हूं। अधिकारी प्रभावित लोगों को हर संभव सहायता प्रदान कर रहे हैं।“
🏥 इलाज और राहत कार्य जारी
घटना के तुरंत बाद प्रशासनिक अमला मौके पर पहुंचा और राहत व बचाव कार्य शुरू किए गए। घायलों को नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उनका इलाज चल रहा है। स्थानीय पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है और संरचनात्मक लापरवाही की जांच की जा रही है।
📌 प्राथमिक जांच में क्या सामने आया?
स्थानीय सूत्रों के मुताबिक स्कूल भवन काफी पुराना और जर्जर स्थिति में था। बारिश के चलते दीवारों में सीलन थी, जिससे छत कमजोर हो चुकी थी। प्रशासन अब यह जांच कर रहा है कि संवेदनशील इमारत में कक्षाएं क्यों चल रही थीं, और क्या मरम्मत की कोई प्रक्रिया पहले से चल रही थी या नहीं। इस हादसे ने एक बार फिर स्कूलों की आधारभूत संरचना की सुरक्षा पर सवाल खड़े कर दिए हैं। सरकार और प्रशासन पर यह जिम्मेदारी है कि सभी शैक्षणिक संस्थानों की स्थिति की समीक्षा कर बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए।
