राजीव कुमार ओझा- देश के अंदर भी कुछ देश विरोधी किड़े (राष्ट्र विरोधी तत्व) ऐसे हैं जो अंदर ही अंदर देश को नुकसान पहुंचा रहे हैं, बिलकुल वैसे ही जैसे फल के अंदर घुसा कीड़ा फल को भीतर से पूरी तरह खा जाता है। ये देश विरोधी तत्व देश की एकता, सुरक्षा और विकास को कमजोर करने की कोशिश करते हैं। ये लोग देश के हितों के खिलाफ काम करते हैं और देश को तोड़ने, अस्थिर करने की साज़िशें रचते हैं। इन्हें रोकने के लिए कठोर कदम उठाना आवश्यक है।
देश के लिए ये कीड़े कई रूपों में होते हैं—राजनीतिक पार्टी के उम्मीदवार, अलगाववादी गुट, भ्रष्ट अधिकारी या देश के खिलाफ झूठी अफवाहें फैलाने वाले लोग। खासकर कुछ राजनीतिक पार्टियां जैसे कांग्रेस, मायावती, और ममता बनर्जी की पार्टियां इन मुद्दों पर विचार करते हुए इनके विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की मांग कर रही हैं क्योंकि वे महसूस करती हैं कि देश की सुरक्षा एवं विकास के लिए ऐसे लोगों का नष्ट होना जरूरी है।
जैसे कीड़े को खत्म करने के लिए जंतु नाशक दवाइयों का इस्तेमाल होता है, वैसे ही देश के अंदर देश विरोधी तत्वों के खिलाफ भी कठोर नीतियों और दूरदर्शी कार्यवाही की आवश्यकता है। देशविरोधी गतिविधियों को रोकना और उन लोगों को दण्डित करना जो देश के खिलाफ छिपकर काम करते हैं, देश की तरक्की और स्थिरता के लिए आवश्यक है। इसके बिना देश के अंदर राजनीतिक, सामाजिक और आर्थिक नुकसान होते रहेंगे।
राजनीति में देश की सीमाओं और एकता को कमजोर करने वाले तत्व समाज में अविश्वास और असामाजिक गतिविधियों को बढ़ावा देते हैं। यही नहीं, ये किड़े देश की छवि को भी विश्व स्तर पर नुकसान पहुंचाते हैं, जिससे विदेशी निवेश, आर्थिक विकास और सामाजिक सौहार्द्र पर बुरा असर पड़ता है। अतः ऐसे देश विरोधी किड़ों को पहचान कर समय रहते उनका सफाया करने में ही देश हित निहित है।
देश विरोधी तत्वों के खिलाफ जंतु नाशक की तरह प्रभावी नीति, सख्त कानून और उनकी कड़ी जांच-परख की जरूरत होती है। राजनीतिक नेताओं और जनमानस को भी सजग रह कर ऐसे तत्वों के विरुद्ध जागरूक रहना होगा। सामाजिक एकता, राष्ट्रीय सुरक्षा एवं विकास के लिए हर नागरिक को मिलकर ऐसे किड़ों का सफाया करना आवश्यक है।
इनकी वजह से देश का मनोबल टूटता है और विकास की गति धीमी पड़ जाती है। देश विरोधी गतिविधियां आर्थिक नुकसान, हिंसा, बेरोजगारी और सामाजिक अस्थिरता को बढ़ावा देती हैं। इसलिए, समय-समय पर देश की सुरक्षा एजेंसियों को इन किड़ों पर नजर रखनी चाहिए और उन्हें समाप्त करने के लिए संगठित रूप से काम करना चाहिए।
देश के लिए ये किड़े खतरा हैं और इन्हें जड़ से ख़त्म करने के लिए सम्पूर्ण देश को सजग रहना होगा। इनकी पहचान करना, इनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई करना और जनता को इनके कारण उत्पन्न खतरे से अवगत कराना आवश्यक है। तभी देश एक मजबूत और सुशिक्षित राष्ट्र के रूप में उभर सकता है।
